राजा मोरध्वज महोत्सव 2026 में साहित्य,संस्कृति और राष्ट्रभाव का भव्य संगम,कवि सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब
रायपुर :- आरंग के इंडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 के अंतर्गत राजा मोरध्वज अलंकरण सम्मान समारोह एवं अद्वितीय कवि सम्मेलन का आयोजन अत्यंत भव्य,गरिमामय एवं ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से,बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,उप मुख्यमंत्री अरुण साव,परम् पूज्य पिताश्री राजागुरु,धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी सहित अनेक वरिष्ठ नेता,जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता और महत्व को और भी बढ़ा दिया। सभी अतिथियों ने राजा मोरध्वज की त्याग,शौर्य और न्यायप्रियता से जुड़ी विरासत को स्मरण करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर आयोजित अद्वितीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से सभागार को काव्य-रस से सराबोर कर दिया। कविकुल शिरोमणि डॉ.कुमार विश्वास सहित सुप्रसिद्ध कवियों ने राष्ट्रप्रेम,सामाजिक सरोकार,मानवीय संवेदनाएं, प्रेम और वीर रस से ओतप्रोत कविताओं का पाठ किया। कवियों की ओजस्वी एवं भावनात्मक प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण जयघोष के साथ स्वागत किया। कविता की हर पंक्ति ने श्रोताओं के मन को छू लिया और पूरा वातावरण साहित्यिक ऊर्जा से भर उठा।
सम्मान समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को राजा मोरध्वज अलंकरण से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सम्मानितजनों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा भाव को प्रोत्साहित करते हैं। सम्मानित व्यक्तियों ने भी इस सम्मान को अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से सांसद बृजमोहन अग्रवाल,विजय बघेल, विधायक मोतीलाल साहू,रोहित साहू,इंद्रकुमार साहू के साथ-साथ विभिन्न आयोगों,मंडलों,बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्षगण,भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी,जनप्रतिनिधिगण,आयोजक समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में मौजूद दर्शकों ने देर रात तक चलने वाले इस साहित्यिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया।समग्र रूप से राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का यह आयोजन साहित्य,संस्कृति, सम्मान और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा, जिसने आरंग को एक बार फिर सांस्कृतिक मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई।





