दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन की पहल आदिवासी कन्या छात्रावास में किशोरियों को मिला स्वास्थ्य,स्वच्छता व आत्मसुरक्षा का ज्ञान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही :- किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य,सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन द्वारा पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, मरवाही में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना,व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को समझाना तथा गुड टच–बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर बालिकाओं को सजग बनाना रहा। इस कार्यक्रम में छात्रावास की बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं ने सक्रिय सहभागिता की।
आयोजन का वातावरण अत्यंत सहज,संवादात्मक और प्रेरणादायी रहा,जिसमें बालिकाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं,अनुभव और प्रश्न साझा किए कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉक्टर दिव्या ने किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान होने वाले शारीरिक,मानसिक और भावनात्मक बदलावों की वैज्ञानिक एवं सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहवारी कोई रोग नहीं बल्कि एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है,जिसे लेकर संकोच या भय की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस दौरान स्वच्छता बनाए रखने,संतुलित आहार लेने तथा स्वयं की देखभाल के व्यावहारिक उपायों पर भी प्रकाश डाला।
डॉक्टर दिव्या ने उदाहरणों के माध्यम से गुड टच और बैड टच की पहचान कराई और बताया कि किसी भी असहज स्थिति में तुरंत विश्वसनीय व्यक्ति,अभिभावक या शिक्षक को जानकारी देना क्यों आवश्यक है। इस सत्र में बालिकाओं के प्रश्नों का सरल और सहज उत्तर दिया गया,जिससे उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार हुआ।दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रियदर्शनी सिंह नहरेल ने अपने संबोधन में कहा कि किशोरावस्था में सही मार्गदर्शन मिलने से बालिकाएं मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त बनती हैं। उन्होंने माहवारी के दिनों में स्वच्छता,सावधानी और सकारात्मक सोच बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि संस्था आदिवासी अंचलों में जन-जागरूकता,महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में 74 वर्षीय उर्मिला राय ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बालिकाओं को संस्कार,आत्मसम्मान और संयम का महत्व समझाया। वहीं गायत्री परिवार से जुड़ी आरती गुप्ता ने नैतिक मूल्यों,आत्मरक्षा और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण पर प्रेरणादायी विचार रखे। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रावास अधिक्षिका श्रीमती आँचल तिवारी ने किया। उन्होंने दक्षिणाम सेवा फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों को सभी कन्या छात्रावासों में आयोजित करने की आवश्यकता बताई। सुभाषिनी दुबे ने भी संस्था से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का आग्रह किया। कार्यक्रम के समापन पर संस्था की ओर से सभी किशोरी बालिकाओं को पेन एवं सेनेटरी पैड वितरित किए गए,जिससे स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ-साथ व्यवहारिक सहयोग भी सुनिश्चित हुआ।
इस अवसर पर संस्था प्रमुख योगेंद्र सिंह नहरेल ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों,वक्ताओं,छात्रावास प्रशासन एवं बालिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह जागरूकता कार्यक्रम किशोरी बालिकाओं के लिए न केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का माध्यम बना,बल्कि आत्मरक्षा,स्वच्छ जीवनशैली और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान कर गया।कार्यक्रम में योग शिक्षक राजेंद्र सोनी,सूरज यादव,अवास कैवर्त,श्रीमती बिट्टी राय, कृष्णा राय एवं अरविंद्र चंद्रा की विशेष उपस्थिति एवं सहयोग रहा।



