10 साल का इंतजार खत्म: डॉ. केशव साहू के इलाज से गूंजी किलकारी, सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ नन्हे मेहमान का भव्य स्वागत


महासमुंद/बसना। चिकित्सा जगत में जब सेवा और टीम वर्क का संगम होता है, तो वह किसी चमत्कार से कम नहीं होता। ऐसा ही एक सुखद उदाहरण बसना में देखने को मिला, जहाँ डॉ. केशव साहू के निःस्वार्थ उपचार और कुशल मार्गदर्शन से १० वर्ष बाद एक दंपत्ति को संतान सुख प्राप्त हुआ। इस खुशी के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर बसना में एक भव्य स्वागत एवं आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया।

निराशा के बाद मिली नई उम्मीद

नवोदित अभिभावक परदेशी साहू और सुषमा साहू के विवाह को १० वर्ष से अधिक समय हो चुका था। उन्होंने रायपुर से लेकर ओडिशा तक के बड़े अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। 

अंत में उन्होंने अपने पड़ोसी और चिकित्सक डॉ. केशव साहू को अपनी व्यथा बताई। डॉ. केशव ने न केवल उनका उपचार शुरू किया, बल्कि मानवता की मिसाल पेश करते हुए इस पूरे उपचार का व्यय होने नहीं दिया ।

टीम वर्क की जीत: उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में मिली सफलता

डॉ केशव ने बताया कि यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था। महिला 'हाई रिस्क प्रेग्नेंसी' की श्रेणी में थी, जहाँ अधिक आयु, स्वतः गर्भपात का डर और संक्रमण जैसी बड़ी बाधाएं थीं। लेकिन सामूहिक प्रयासों ने इसे सफल बनाया

• डॉ. अभिलाषा पटेल (प्रसूति रोग विशेषज्ञ): उन्होंने हर महीने निशुल्क सोनोग्राफी की और मरीज के फॉलोअप पर स्वयं निगरानी रखकर अटूट निष्ठा का परिचय दिया।

• डॉ. प्रतिभा (प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज): बसना में वर्तमान में शल्य क्रिया (ऑपरेशन) की सुविधा न होने के कारण डॉ. केशव लगातार महासमुंद के मेडिकल कॉलेज की डॉ. प्रतिभा के संपर्क में थे, जिन्होंने ऑपरेशन की पूर्व तैयारी में हर संभव मदद दी।
• स्वास्थ्य विभाग का सहयोग: खण्ड चिकित्सा अधिकारी (BMO) ने हर आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई।

सरस्वती शिशु मंदिर में गूंजा आशीर्वाद


इस बड़ी उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विनीता अग्रवाल (पार्षद वार्ड क्रमांक 12) एवं विशिष्ट अतिथि शालिनी अग्रवाल (अध्यक्ष, मारवाड़ी युवा मंच) उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:
नरसिंह शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री रामचंद्र अग्रवाल, सचिव श्री धनेश्वर साहू, शिशु वाटिका के संरक्षक श्री सुभाष शर्मा, सदस्य कुमारी पुष्पा साव, श्री सांवरमल अग्रवाल, श्री सुभाष कुमार प्रधान, डॉ. केशव साहू, प्राचार्य श्री धनुर्जय साहू, वरिष्ठ आचार्य श्री अभिमन्यु दास सहित विद्यालय के समस्त आचार्य, दीदी, भैया-बहन और ११५ अभिभावक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर नन्हे शिशु को आशीर्वाद दिया और माता-पिता का सम्मान किया।

 माँ बनना जीवन का सबसे पवित्र और महान अनुभव श्री रामचंद्र अग्रवाल
नरसिंह शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने अपने भाषण में कहा कि आज हम सब यहाँ एक अद्भुत क्षण का साक्षी हुए हैं। हमारे परिवार और समाज में एक नई माँ का आगमन हुआ है। यह केवल एक व्यक्तिगत सुख नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए गर्व और आनंद का अवसर है।

माँ बनना जीवन का सबसे पवित्र और महान अनुभव है। जिस तरह भारत माता अपने बच्चों को अपनी गोद में पालती है, उसी तरह यह नई माँ अपने शिशु को प्रेम, सुरक्षा और संस्कारों से सींचेगी।

भारत की नदियाँ—गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, और महानदी—हमारे जीवन की धारा हैं। वे निरंतर बहती हैं, पोषण देती हैं और हर कठिनाई को पार करती हैं। उसी तरह एक माँ का हृदय भी असीमित होता है—वह अपने बच्चे के लिए त्याग करती है, उसे जीवन की हर धारा में आगे बढ़ने की शक्ति देती है।

आज हम इस नई माँ का स्वागत करते हुए उसे यह आशीर्वाद देते हैं कि उसका मातृत्व गंगा की निर्मलता, नर्मदा की शांति, यमुना की मधुरता और महानदी की शक्ति से परिपूर्ण हो। माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि की आत्मा है। भारत माता की तरह यह माँ भी अपने बच्चे को संस्कार, साहस और करुणा का अमृत पिलाएगी।

हम सब मिलकर इस नई माँ को शुभकामनाएँ देते हैं—उसका मातृत्व जीवन की सबसे सुंदर यात्रा बने, और उसका परिवार प्रेम और आनंद से भर जाये ।
सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन– डॉक्टर नारायण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना के बीएमओ डॉ. नारायण साहू ने इसे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन एवं जननी सुरक्षा योजना की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने जानकारी दी कि शासन द्वारा गर्भवती माताओं के लिए इलाज, खून जांच, सोनोग्राफी और रेफरल सुविधा पूर्णतः निशुल्क है। साथ ही उन्होंने खुशखबरी दी कि जल्द ही बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन (सिजेरियन) द्वारा प्रसव की सुविधाकी तैयारी भी युद्ध स्तर पर शुरू की जा रही है।

"जब मरीज का विश्वास और डॉक्टर का समर्पण एक हो जाए, तो ईश्वर भी साथ देता है। आज स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु को देखकर पूरी टीम की मेहनत सफल हो गई।"
डॉ. केशव साहू ( MBBS , CEmOC )
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